Punjab

बिक्रम सिंह मजीठिया ने मजीठा में सेनिटाइजेशन मुहिम शुरू की

उच्च मृत्यु दर घटाने व कोविड-19 की रोकथाम के लिए सरकार को रणनीति में बदलाव करने के लिए कहा कहा कि प्रतिदिन 10 फीसदी बढ़ोतरी होने से पंजाब में मृत्यु दर पूरे देश से ज्यादा है मजीठा/20अप्रैलः पूर्व मंत्री सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने लोगों द्वारा की जोरदार मांग के बाद आज इस विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सेनिटाइजेशन मुहिम शुरू कर दी है। इसके साथ ही उन्होने पंजाब सरकार को कोविड-19 के खिलाफ अपनी रणनीति में बदलाव करने का अनुरोध करते हुए कहा है कि राज्य में महामारी के कारण हो रही मृत्यु की दर देश में सबसे ज्यादा है। निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न गांवों तथा कस्बों में कीटाणुनाशक से भरे टैंकों से सेनिटाइजेशन मुहिम की शुरूआत करते हुए सरदार मजीठिया ने कहा कि उन्होने यह मुहिम एक महीना इंतजार करने के बाद शुरू की है जब लोगों की शिकायतें आनी शुरू हो गई कि राज्य सरकार निर्वाचन क्षेत्र के गांवों तथा कस्बों को कीटाणुमुक्त करने के लिए कुछ नही कर रही है। सरदार मजीठिया ने कहा कि स्पष्ट है कि सरकार को कोविड-19 के खिलाफ अपनी रणनीति बदलनी पड़ेगी, क्योंकि इसका मौजूदा तरीका बुरी तरह से विफल हो रहा है। उन्होने कहा कि पंजाब में इस महामारी से होने वाली मृत्यु दर 7फीसदी है जबकि इसके मुकाबले बाकी राज्यों में यह औसत सिर्फ तीन फीसदी है। उन्होने कहा कि यहां तक कि पड़ोसी राज्य हरियाणा में कोविड केसों की गिनती पंजाब जितनी होने के बावजूद वहां सिर्फ तीन मौते हुई हैं जबकि पंजाब में 16 मौते हो चुकी हैं। उन्होने कहा कि पंजाब में मौजूदा रूझान के अनुसार कोविड केसों में प्रतिदिन 10 फीसदी बढ़ोतरी हो रही है जोकि बेहद चिंता का विषय है तथा इस बात का संकेत है कि पंजाब सरकार राज्य में इस बीमारी को नकेल डालने में असफल हो रही है। अकाली नेता ने कहा कि मृत्यु की इतनी उच्च दर का मुख्य कारण यही हो सकता है कि पंजाब अभी तक अस्पतालों में कोविड के उपचार के लिए आवश्यक सुविधाओं का इंतजाम नही कर पाया है। उन्होने कहा कि इसके अलावा पंजाब अपने स्वास्थ्य कर्मचारियों को पीपीई किटें उपलब्ध करवाकर या हरियाणा की तरह उनके वेतन दोगुने करके उनका हौसला बढ़ाने में भी विफल साबित हुआ है। उन्होने कहा कि हमारे स्वास्थ्य कर्मचारी राज्य के हाथों को मजबूत करना चाहते हैं पर उनका मनोबल इसीलिए गिरा हुआ है, क्योंकि  उन्हे आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नही करवाए गए हैं। पंजाब सरकार को भाई निर्मल सिंह खालसा तथा अन्य व्यक्तियों की दुखद मौत से कोविड केसों के उपचार में सामने आई कमियों को दूर करने का आग्रह करते हुए सरदार मजीठिया ने यह भी कहा कि इस काम में सरकार समाज के सभी वर्गों की सहायता ले। उन्होने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ एक ठोस मुहिम चलाने के लिए समाज तथा राजनीतिक पार्टियों में से सदस्य लेकर जिला स्तरीय सलाहकारी समितियां गठित की जा सकती हैं।

सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने 500  पीपीई किटें वितरित की

सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने 500  पीपीई किटें वितरित की रोजगार गवाँ चुके सभी व्यक्तियों के लिए आर्थिक पैकेज की मांग की कहा कि सरकार को दिहाड़ीदारों को 6हजार रूपए की नगद सहायता देनी चाहिए सरकार को गन्ना उत्पादकों के 1000करोड़ रूपया बकाया देने के लिए कहा अमृतसर/14अप्रैलः पूर्व मंत्री सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज मजीठा में स्वास्थ्य कर्मचारियों, आढ़तियों, मजदूरों, पुलिस कर्मचारियों तथा पत्रकारों को तकरीबन 500 पीपीई किटें वितरित की। इसके अलावा उन्होने डिप्टी कमिशनर को भी पीपीई किटें दी। आज मजीठा निर्वाचन क्षेत्र में आए शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता ने आड़तियों तथा पुलिस कर्मचारियों से बातचीत की, इसके बाद वह एसडीएम कार्यालय गए तथा उन्होने सभी व्यक्तियों के लिए आर्थिक पैकेज की मांग की, जो अपना रोजगार गवाँ चुके हैं। उन्होने कहा कि सरकार को दिहाड़ीदारों के खातों में 6 हजार रूपए जमा करवाकर उनकी प्रत्यक्ष सहायता करनी चाहिए तथा गन्ना उत्पादकों के 1000 करोड़ रूपए का बकाया जारी करना चाहिए।  उन्होने कहा कि इसी तरह गेंहू उत्पादकों को 50 रूपए प्रति क्विंटल बोनस देना चाहिए।  उन्होने कहा कि पिछले महीने हुई बेमौसमी वर्षा के कारण फसलों के हुए भारी नुकसान के लिए आलू तथा सब्जियों के उत्पादकों को भी नगद राहत देनी चाहिए। उन्होने कहा कि इस कठिन समय में दूध उत्पादकों के  हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए उन्होने  5 रूपए प्रति लीटर बोनस देना चाहिए।  उन्होने कहा कि बड़े दुख की बात है कि सरकार ने इस संकट के समय में दूध का खरीद रेट कम कर दिया है।  कोविड-19 के मरीजों की देखभाल में जुटे डॉक्टरों, नर्सों, एम्बुलेंस स्टाफ तथा बाकी स्वास्थ्य कर्मियों की बहादुरी की सराहना करते हुए उन्होने कहा कि इन सभी लोगों द्वारा इस संकट की घड़ी में की जा रही मानवता की सेवा को देखते हुए इनके वेतन तत्काल दोगुने कर देने चाहिए। उन्होने कि एएसआई हरजीत सिंह की बहादुरी को सलाम किया, जिसने पटियाला में समाज विरोधी तत्वों द्वारा हमले के दौरान पूरी बहादुरी तथा संयम का परिचय दिया, जिस दौरान उसका एक हाथ भी कट गया।  उन्होने कहा कि समुची पुलिस फोर्स के लिए एक बहादुरी की मिसाल कायम करने वाले इस पुलिस कर्मचारी को सम्मान के तौर पर तरक्की दी जानी चाहिए। मजीठा विधायक ने यहां की अनाज मंडी में आढ़तियों से भी बातचीत की तथा उन्हे गेंहू की खरीद के दौरान इस्तेमाल करने के लिए दस्ताने तथा मास्क बांटे। इस अवसर पर आढ़ती एसोसिएशन ने अपील की कि मंडियों में काम करने वाले सभी मजदूरों का बीमा किया जाना चाहिए। उन्होने यह भी अपील की कि उनका 200 करोड़ रूपए का बकाया तत्काल जारी किया जाए तथा उन्हे गेंहू की फसल के भुगतान के समय किसानों को दिए कर्जे के पैसे काटने की आज्ञा दी जाए। सरदार मजीठिया ने कहा कि वह उनके मसले सरकार के पास उठाएंगे। बाद में अकाली नेता डिप्टी कमिशनर शिवदुलार सिंह ढ़िल्लों से भी मिले।  उन्होने कल से गेंहू की कटाई शुरू होने के कारण हजारों किसानों तथा मजदूरों के खेतों तथा मंडियों में एकत्र होने के मद्देनजर जरूरी सुरक्षा प्रबंध करने की आवश्यकता पर जोर दिया। …

अकाली दल ने हरपाल सिंह के निलंबन को ‘देरी से मामूली कार्रवाई’ करार दिया

अकाली दल ने हरपाल सिंह के निलंबन को ‘देरी से मामूली कार्रवाई’ करार दिया बिक्रम सिंह मजीठिया ने मुख्यमंत्री से कहा कि हरपाल को नौकरी से हटाया जाए तथा उसके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए मुकद्मा दर्ज किया जाए अमृतसर/11अप्रैलः शिरोमणी अकाली दल ने आज प्रसिद्ध रागी तथा पदम श्री भाई निर्मल सिंह का अंतिम संस्कार रोकने के लिए वेरका शमशानघाट को ताला लगाने वाले अध्यापक हरपाल सिंह के निलंबन को देरी से की मामूली  कार्रवाई करार दिया है तथा मांग की है कि उसे सरकारी नौकरी से हटाया जाए तथा उसके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए धारा 295-ए के तहत् मुकद्मा दर्ज किया जाए। इस संबधी मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पूर्व मंत्री सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि हरपाल सिंह को तत्काल नौकरी से हटाया जाना चाहिए, क्योंकि राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेकर उसने सरकारी कर्मचारी व्यवहार (आचरण) 1966 के नियम 6 को तोड़ा है। उन्होने कहा कि हरपाल के खिलाफ ड्यूटी से अनुपस्थित रहने तथा सरकारी अधिकारियों को ड्यूटी करने से रोकने के लिए भी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होने यह भी मांग की कि राजनीति में कूदने के बाद हरपाल को दिए गए वेतन की सारी राशि उससे वसूली जानी चाहिए। सरदार मजीठिया ने मुख्यमंत्री से यह भी अनुरोध किया कि इस बात की एक अलग जांच करवाएं कि हरपाल सिंह को कांग्रेस पार्टी का पदाधिकारी कैसे नियुक्त किया गया है तथा उसके द्वारा कितनी बार अपनी पार्षद पत्नी के पद का गलत इस्तेमाल किया गया है? उन्होने कहा कि वह आशा करते हैं कि मुख्यमंत्री इस बात को समझेंगे कि हरपाल ने सिर्फ पदम श्री प्रसिद्ध रागी का ही अपमान नही किया, बल्कि वह शांति तथा साम्प्रदायिक सौहार्द्र के लिए भी एक खतरा है उन्होने कहा कि इस स्कूल अध्यापक की कार्रवाईयों ने मुख्यमंत्री तथा पंजाबियों का नाम खराब किया है।  इसीलिए एक स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि कोई भी कानून से ऊपर नही है। अकाली नेता ने कहा कि बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि सिखों तथा विभिन्न रागी जत्थों द्वारा प्रकट किए रोष के बाद सरकार ने हरपाल सिंह के खिलाफ बहुत देरी से कार्रवाई की है। उन्होने कहा कि यही कारण है कि इस व्यक्ति के निलंबन को ध्यान हटाने के हथकंडे के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होने कहा कि सिखों की भावनाओं को शांत करने के लिए तत्काल इस अध्यापक के खिलाफ अनुकरणीय कार्रवाई की जाए। सरदार मजीठिया ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि हरपाल सिंह ने कोई पहली बार कानून नही तोड़ा है। उन्होने कहा कि सच्चाई यह है कि हरपाल अवैध गतिविधियां करने में अभ्यस्त है। उन्होने कहा कि उसकी गुंडागर्दी के आगे डिप्टी कमिशनर तथा पुलिस कमिशनर समेत अमृतसर का सिविल तथा पुलिस प्रशासन भी बेबस महसूस करता है। वह सरकारी मीटिंगों में कांग्रेसी पार्षद के तौर पर भाग लेता है जबकि वास्तव में पार्षद उसकी पत्नी परमिंदर कौर है। उन्होने कहा कि नगर निगम की एक मीटिंग में भाग लेने से रोकने पर हरपाल ने अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर को भी धमकी दी थी। सरदार मजीठिया ने कहा कि अमृतसर जिला प्रशासन हरपाल सिंह के मामले में टालमटोल वाला रवैया बनाए रखा था जबकि इसके बिल्कूल विपरित हरनामदासपूरा में एक कोरोना वायरस मरीज का अंतिम संस्कार रोकने पर जालंधर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 60 व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल केस दर्ज कर लिया था उन्होने कहा कि यदि अमृतसर प्रशासन ने इसी तरह कार्रवाई की होती तो राज्य में कोविड-19 मरीजों के शवों का अपमान करने वाली दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं न होती।…