अकाली दल ने पवित्र नगरी के लोगों तथा दशहरा त्रासदी पीड़ित परिवारों से मिलकर मोमबती मार्च निकाला

अकाली दल ने पवित्र नगरी के लोगों तथा दशहरा त्रासदी पीड़ित परिवारों से मिलकर मोमबती मार्च निकाला

लोगों ने पीड़ित  परिवारों के लिए न्याय तथा त्रासदी के लिए जिम्मेवार कांग्रेसियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

अमृतसर/07अक्टूबरः शिरोमणी अकाली दल ने आज इस शहर के नागरिकों तथा दशहरा त्रासदी में मारे गए 61 व्यक्तियों तथा 100 जख्मियों के पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर शहर में रामतलाई से लेकर जौड़ा फाटक के नजदीक धोबी घाट तक एक कैंडल मार्च निकाला गया। इस जगह पर पिछले साल सिद्धू जोड़ी नवजोत सिद्धू तथा डाॅ. नवजोत कौर सिद्धू ने एक नजदीकी द्वारा गैरकानूनी ढ़ंग से आयोजित रावण जलाने का समागम देख रही भीड़ को एक रेलगाड़ी ने कुचल दिया था।

पीड़ित परिवार के सदस्यों, शहर के प्रमुख नागरिकों तथा पूर्व मंत्री सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया, हरमीत ढ़िल्लों, विरसा सिंह वल्टोहा तथा वीर सिंह लोपोके समेत अकाली नेताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर पीड़ितों को न्याय देने, त्रासदी की जिम्मेदारी तय करने, आपराधिक मामले दर्ज करके तथा गिरफतार करके दोषियों को सजा देने तथा पीड़ित परिवारों से किए सभी वादे पूरे करने की मांग की है।

पीड़ित परिवारों समेत मोमबत्ती मार्च में भाग लेने वाले लोगों ने सिद्धू जोड़ी के खिलाफ नारेबाजी की तथा पूछा कि पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू इस भयंकर हादसे में मारे गए पीड़ित परिवारों को नौकरी तथा पेंशन देने के वादे से क्यों मुकर गया है?

मोमबत्ती मार्च में भाग लेने के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि इस केस में तीन जांचें हो चुकी हैं परंतु अभी तक न तो किसी के विरूद्ध केस दर्ज हुआ है तथा न ही कार्रवाई की गई है। उन्होने कहा कि जालंधर डिवीजनल कमिश्नर द्वारा की जांच इस हादसे के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार कांग्रेसियों को बचाने के लिए थी। उन्होने कहा कि कमिशनर से एक कैबिनेट मंत्री तथा उसकी पत्नी के खिलाफ कार्रवाई  किए जाने की उम्मीद नही थी तथा यही कुछ हुआ। यह जांच सिद्धू जोड़ी के घनिष्ठ मिट्ठू मदान को बचाने के लिए ही की गई थी।

पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग करते हुए अकाली नेता ने कहा कि हम यहां सिर्फ पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए आए हुए हैं। सभी जानते हैं कि पूर्व स्थानीय निकाय मंत्री के निर्देश पर एक अनधिकृत प्रोग्राम आयोजित किया गया था। पर इस मामले में कोई कार्रवाई नही की गई। यदि कांग्रेस सरकार चाहती तो 24 घंटों में कार्रवाई कर सकती थी।  हम  अब भी यही चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले तथा पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा मिले, जिसमें वादे के अनुसार हर पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जानी चाहिए। उन्होने कहा कि भविष्य में ऐसे हादसे होने से रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए।

यह टिप्पणी करते हुए कि कांग्रेस सरकार की पीड़ित परिवारों को न्याय देने में कोई दिलचस्पी नही है, सरदार मजीठिया ने कहा कि मैंने यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाया था। हमने कमिशनर के पास भी यह मुद्दा उठाया था तथा इस हादसे के लिए जिम्मेदार कांग्रेसी नेताओं के विरूद्ध सबूत दिए थे। पर एक साल बीत गया तथा कुछ नही हुआ। पर सरकार इस केस की फोरेंसिक रिपोर्ट लेने में भी विफल रही है। इससे सरकार की पीड़ितो को न्याय दिलाने के प्रति गंभीरता का पता चलता है।

इस दौरान लोगों ने पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर शपथ खाई कि वह न्याय मिलने तक यह प्रदर्शन जारी रखेंगे। लोगों ने मांग की कि इस हादसे के दोषियों को गिरफतार किया जाए तथा पीड़ित परिवारों से किए सभी वादे पूरे किए जाने चाहिए।

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